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Friday, September 14, 2012

muhabbat hai tumse...................

                       मुहब्बत  हो तो एसी  हो ....

                      कि  कहना न पढ़ जाये मुहब्बत है तुमसे ................

 
 
 

3 comments:

  1. कई बार समझ जाने पर भी सामने वाले को इजहारे मुहब्बत का इंतज़ार रहा करता है।

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  2. हिन्दी पखवाड़े की बहुत-बहुत शुभकामनाएँ!
    --
    बहुत सुन्दर प्रविष्टी!
    इस प्रविष्टी की चर्चा कल रविवार (16-09-2012) के चर्चा मंच पर भी होगी!
    सूचनार्थ!

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