There was an error in this gadget

Saturday, June 8, 2013

मौला रे

मौला रे,

तन्हा सा कर दे मुझे।

दे दे तू मेरा जहाँ,

कोई और न हो वहां।

ना प्यार के बंधन हों,

ना नफरत भरे मन हों।

सुकून हो सन्नाटों का,

ठहरा सा हो मंजर जहां।

में खुद ही खुद से मिलूं,

खुद की भी  थोड़ी सुनूं।।

रास  आये न अब मुझे,

ये शोर करता जहाँ।।।

मौला रे।।।तनहा सा कर दे मुझे।।।।