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Wednesday, August 28, 2013

Hunting the treasure

Hunting the treasure of


your remembrance,


sunk deep inside me...


eyes are moist,lips are shivering..


in my loneliness i am always thinking,


you are still the same inside me n my feeling..


now this is my loneliness which i am loving,after you...


cause in my loneliness i am always thinking,of you...

Hunting the treasure...


Thursday, August 8, 2013

चाहत 2

वो चाहत थी मेरी ,

मेरी इबादत थी।

मगर उसको तो तारों के बीच में रहने की आदत थी।

ये शरारत थी उसकी,

या उसकी फितरत थी।

होगा उसके दिल में मेरे लिए प्यार,


मगर तारों की भी हसरत थी।

ये जो तारों के लिए थी चाहत,

वो मुझे न थी गवारा,

जब मेरा ही बन गया था तो,

उसपे हक था सिर्फ मेरा।।

जला देते खुद को आंखिर उसकी खातिर,

हम भी बन जाते सितारा।

लाख किये जतन,लाख समझाया,

न माना वो।

तब समझ आया उसे ,

जब  वो ही न रहा मेरा।

आज फिर वो चाँद फलक पे है,

पर आज फांसले हैं दरम्यान।

आज फिर हम अकेले हैं,

और उसका है सारा जहाँ।।